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दाह संस्कार के नाम पर वसूला जा रहा है जजिया कर

श्मशान घाट का नमामि गंगे से एग्रीमेंट एसडीएम ने समिति से मांगी एग्रीमेंट की कापी

हरिद्वार।
कोरोना महामारी में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सरकारों ने शवों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी तक निशुल्क उपलब्ध करा रही है। तीर्थनगरी में केंद्र सरकार की योजना के तहत नमामि गंगे के तहत चंडीघाट श्मशान घाट का जीर्णोद्वार किया गया। तभी से कोटद्वार की संस्था का नमामि गंगे से एग्रीमेंट होने के बाद जजिया कर वसूला जा रहा है। अंतिम संस्कार कराने के लिए घाट में आने वाले अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं जो संस्कार के लिए अपने साथ ही लकड़ी लाते हैं। संस्था लकड़ी लाने के बावजूद करीब ढाई हजार रुपए की रसीद काटी जा रही है। कनखल व खडख़ड़ी श्मशान घाटों से कई गुणा ज्यादा हैं। इस संबंध में व्यापारी नेता की शिकायत पर एसडीएम ने संस्था से एग्रीमेंट की कापी मंगवायी है।
अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के जिलाध्यक्ष व व्यापारी नेता विपिन शर्मा ने बताया कि चंडी घाट श्मशान घाट पर मृतक के दाह संस्कार कराने पर संस्था 2480 रुपए लिया जा रहा है। इन विकट परिस्थितियों में भी श्मशान घाटों पर अवसर तलाशते हुए जिस तरह से लूट खसोट हो रही है, उसको देखकर आम जनमानस हैरान है। उन्होंने बताया कि रविवार को उसके परिवार में चचेरे भाई का देहांत हो गया था वह गैंडी खाता में निवास करता था। नजीबाबाद, बिजनौर व कोटद्वार से मृतकों का परिजन अधिकांश दाह संस्कार के लिए चंडीघाट श्मशान आते हैं, वह मृतक क्रिया का सारा सामान व लकड$ी साथ लेकर आते हैं। चंडीघाट श्मशान घाट में दाह संस्कार के लिए पहले पर्ची कटवाई जाएगी। उसके पश्चात उसका दाह संस्कार किया जाएगा। उनके पहुंचने पर उनको भी पर्ची कटवाने के लिए बोला गया, जब वह पर्ची कटवाने के लिए काउंटर पर पहुंचे तो 2480 रुपए की पर्ची दाह संस्कार के किराए की काटी गई । संस्था में कार्यरत कर्मचारी मान सिंह गुंसाई ने बताया कि यह चार्ज नमामि गंगे संस्था ने निर्धारित किया गया है हम उनकी आज्ञा का निर्वाहन कर रहे हैं। यह सुनकर दाह संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को आश्चर्य हुआ की नमामि गंगे मृतक दाह संस्कार के रूप में भी व्यापार कर रही है, यदि कोई गरीब एवं असहाय परिवार अपने मृतक के दाह संस्कार के लिए पहुंचेगा, यदि उसके पास 2480 रुपए नहीं होगें तो वह अपने मृतक का दाह संस्कार भी नहीं कर सकेगा। अपनों के मोक्ष की अभिलाषा लिए पहुंचने वालों ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि अपनों का दाह संस्कार करने के लिए व्यवस्था के नाम पर जजिया कर भी देना पडेगा। व्यापारी नेता विपिन शर्मा का आरोप है कि श्मशान घाट के बाहर बनी दुकानदारों का कहना था कि यहां पर दाह संस्कार की आड में लूट खसोट मची हुई है, अगर कोई पूछ लेता है तो 2480 की रसीद कटती है वरना यहां पर दस हजार रुपए तक ले लिए जाते है। तिरूपति कृ.उ.उ.वि. सहकारी समिति लि. कोटद्वार गढवाल चंडीघाट मोक्ष घाट के नाम पर दाह संस्कार के नाम पर पैसे वसूले जा रहे है। रसीद के एक कोने में नमामि गंगे भी लिखा गया है। व्यापारी नेता ने जनहित में पूरे मामले पर ध्यान आर्किषत कराते हुए जिलाधिकारी, गन्ना मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, सांसद प्रतिनिधि आेमप्रकाश जमदिग्न, शहर विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर से शिकायत कर जनहित में इस जजिया कर को बंद कराने का अनुरोध किया है। एसडीएम हरिद्वार गोपाल चौहान ने इस मामले में कड$ा रूख दिखाते हुए चंडीघाट श्मशान घाट पर कार्यरत कर्मी मानसिंह गुंसाई से मामले की जानकारी मांगी गयी हैं जिसने बताया कि समिति का नमामि गंगे के साथ एग्रीमेंट है। जिसमें श्मशान घाट की साफ-सफाई, लकडी, पण्डित, चिता बनाने वाले का शुल्क 3680 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि कोई लकड$ी खुद साथ लेकर आता हैं तो उससे 2480 रुपये शुल्क लिया जाता है। एसडीएम ने बताया कि समिति के कर्मी से नमामि गंगे के साथ हुए एग्रीमेंट की कापी मांगी गयी है।

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