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आयोग ने बैंक को सेवा में दोषी पाया, साढे चौहत्तर हजार का अर्थ दण्ड लगाया

हरिद्वार।
जिला उपभोक्ता आयोग ने स्थानीय व क्षेत्रीय प्रबंधक एसबीआई को उपभोक्ता सेवा में कमी व लापरवाही करने का दोषी पाया है। आयोग ने दोनों को साढ़े 74 हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से, क्षतिपूर्ति दो हजार रुपये व शिकायत खर्च और अधिवक्ता फीस के रूप में दो हजार रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं।
शिवालिक नगर निवासी शिकायतकर्ता विश्वनाथ सिंह चन्द्रवंशी ने क्षेत्रीय प्रबंधक स्टेट बैंक आफ इंडिया देहरादून व स्थानीय प्रबंन्धक सेक्टर पांच भेल रानीपुर के खिलाफ एक शिकायत आयोग में दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उसने स्थानीय बैंक शाखा में  एक खाता खुलवाया हुआ है। उक्त खाते में अस्सी हजार रुपये जमा किए हुए थे। आगे बताया कि वर्ष 2018 के अगस्त माह में उसके बैंक खाते में से चालीस हजार व साढ़े  34 हजार रुपये दो बार करके निकल गए थे। किसी अंजान व्यक्ति ने अनाज मंडी दिल्ली स्थित एटीएम से निकाले थे। शिकायतकर्ता के मोबाइल पर पैसे निकलने का मैसेज भी नही आया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने स्थानीय शाखा में लिखित शिकायत देकर उससे एक डिस्प्यूट फार्म भी जमा कराया गया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिस पर शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पर भी केस दर्ज कराया था। साथ ही बैंक के कई चक्कर लगाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। बैंक ने शिकायतकर्ता को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं कराई थी। शिकायतकर्ता ने बैंक प्रबन्धकों को एक लीगल नोटिस भेजा था। लेकिन उक्त नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला था। इसके बाद शिकायत कर्ता ने आयोग की शरण ली थी। तथा आयोग ने उपरोक्त  आदेश सुनाए है।

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