Critics With Fun!

मां की हत्या करने वाले को फांसी की सजा सुनाई

मंजू जोशी

नैनीताल।

अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम प्रीतू शर्मा की अदालत ने हल्द्वानी के गोला पार क्षेत्र में मां की हत्या के मामले पुत्र को फांसी व दस हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है साथी हत्या के प्रयास के अभियोग में आजीवन कारावास व पांच हजार के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अदालत ने मृतका के परिजनों को प्रति कर दिलाने की संस्तुति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से की है। बीते बुधवार को अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि अभियुक्त डिंगर सिंह ने मामूली विवाद पर अपनी मां गोमती देवी की बेहद निर्मलता से गर्दन पर दरांती से वार कर हत्या कर दी थी। न्यायालय द्वारा मां की हत्या के आरोपित को फांसी की सजा सुनाई गई। इस मामले में अभियोजन की मृत्यु दंड की मांग के इधर न्यायालय ने महाराष्ट्र उच्च न्यायालय के बसंत संपत दुपारी के मामले में दी गई। सजा के सुस्थापन सिद्धांत के आधार पर फांसी की सजा सुनाते हुए कहा कि इस मामले में मृतका घटना के समय असहाय थी दोषसिद्ध मृतका का समा पुत्र है। जिसका मृतका से विश्वास का रिश्ता था दोषी सिद्ध में बिना किसी प्रकोप के इतनी क्रूरता से हत्या की जिसमें न केवल न्यायिक विवेक अपितु सामाजिक विवेक को भी झकझोर दिया इस मामले में दोषी ने ऐसी भी कोई परिस्थिति नहीं बताई कि उससे अपराध किसी अन्य कारणवश हुआ हो। कहा की मां का स्थान सामाजिक मान्यता के अनुसार पृथ्वी पर ईश्वर के समान माना जाता है। मां द्वारा अपने पुत्र के लालन-पालन में किए गए श्रम का विकल्प नहीं हो सकता। इसका समाज पर भी बुरा प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है इसलिए इस हत्या को दुर्लभ से दुर्लभ तम श्रेणी में मानते हुए फांसी एवं आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.