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भुगतना पड़ रहा है नदियों से अवैध खनन का खामियाजा, ऐयरपोर्ट जाने वाली सड़क दो जगह धराशाही

देहरादून।

प्रदेश की राजधानी देहरादून में अवैध रूप से नदियों के बेरतीब खनन ने नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को बिगाड़ने का काम किया है। जिसके चलते बरसात के दिनों में बड़ी तबाही का मंजर हमारे सामने आ रहा है। थाना राजपुर क्षेत्र मे पडने वाली बल्दी नदी की तबाही ने मात्र दो साल पहले करोडो रूपयो की लागत से बन कर तैयार हुई नई नवेली सहस्र धारा से जोलीग्रांट ऐयरपोर्ट की शानदार सडक को एक नही दो दो जगह से धराशायी कर दिया।

इतना ही नही कई मकानो को जमीदोज करने के साथ-साथ स्थानीय युवाऔ के एक मात्र मैदान के साथ सा दो पुलो को भी भारी नुकसान पहुंचया जिसका जायजा लेने खुद मुख्यमंत्री को अपने लाव लशकर के साथ विधानसभा सत्र को छोड़कर आना पडा था मौके पर पर डी एम, एस डी एम, तहसीलदार सहित जल निगम , पी डब्ल्यू डी, वन विभाग और पुलिस का पूरा अमला मौके मौजूद रहा लेकिन न जाने कौन सा चश्मा लगा था कि मजाल है कीसी को भी छेत्र मे दर्जनो अवैध खनन से भरे प्लाट दिखाई दिये हो ,दर्जनभर से ज्यादा अवैध खनन मे लगी पिकअप या डम्परो पर नजर पडी हो ,गौर तलब है कि नदी मे बारहो महीने चलते अवैध खनन की बदौलत शांत रहने वाली नदी ने विकराल रूप धारण किया था जब हमने मौके पर जाकर मामले की तहकीकात की तो पता चला की ये सारा अवैध खनन ग्राम प्रधान और बी डी सी मेम्बर सहीत कुछ स्थानीय नेताओ की सरपरस्ती मे बेरोकटोक चल रहा है जिसमे वन विभाग, पुलिस विभाग और खनन विभाग को मोटी भेट चढाई जा रही है तभी तो वन विभाग के कैमरो भी अवैध खनन से भरे डम्परो को देख कर आखे मूंद लेते है और पुलिस के चीते भी मकोडे बन गुड पर चिपक जाते है वन विभाग भी वन मे समाधी लीन रहते है । सोचने वाली बात ये है कि अपने ही छेत्र की नदीयो मे अवैध खनन साप को दूध पिलाने जैसा होता है जितने दिन साप दूध पीता है उसका जहर भी उतना ही बढता रहता है और एक समय आता है जब वह दूध पिलाने को ही डस लेता है लेकिन ये छोटी सी बात नदी का सीना चीर कर घर भरने वालो की समझ से परे की बात है अब देखने वाली बात ये है कि इस नदी मे हो रहे अवैध खनन के चलते सरकारी खजाने मे रही रोजाना लाखो रूपयो की लूट और नदी के अनियंत्रित चल रहे बहाव पर सरकार नकेल कसती है या फिर सारे विभाग कुम्भकर्ण की नींद मे सोते हुए और बडे नुकसान को दावत देते रहेगे

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